अरून नील सित कमल कुल, रहे फूलि बहुरंग।
वृंदावन पहिरैं मनौं, बहु विधि वसन सुरंग॥
- श्री ध्रुवदास, बयालीस लीला, वृन्दावन शत लीला (17)
लाल, नीले एवं श्वेत कमलों के समूह तथा नाना प्रकार के पुष्प ऐसे खिले हैं कि उन्हें देखकर ऐसा प्रतीत होता है, मानो श्री वृन्दावन ने नाना रंगों के सुंदर वस्त्र धारण कर रखे हों।
वृंदावन पहिरैं मनौं, बहु विधि वसन सुरंग॥
- श्री ध्रुवदास, बयालीस लीला, वृन्दावन शत लीला (17)
लाल, नीले एवं श्वेत कमलों के समूह तथा नाना प्रकार के पुष्प ऐसे खिले हैं कि उन्हें देखकर ऐसा प्रतीत होता है, मानो श्री वृन्दावन ने नाना रंगों के सुंदर वस्त्र धारण कर रखे हों।

