मथुरां तु परित्यज्य योऽन्यत्र कुरुते रतिम् ।।
मूढो भ्रमति संसारे मोहितो मम मायया ।।
- वरहा पुराण (152.16)
जो व्यक्ति ब्रज धाम का त्याग करके कहीं और जाता है, वह मूर्ख है और उसको मेरी माया निश्चित मोहित कर लेगी और संसार में ही घुमाएगी।
मूढो भ्रमति संसारे मोहितो मम मायया ।।
- वरहा पुराण (152.16)
जो व्यक्ति ब्रज धाम का त्याग करके कहीं और जाता है, वह मूर्ख है और उसको मेरी माया निश्चित मोहित कर लेगी और संसार में ही घुमाएगी।

