हम श्री राधा महारानी जू के बल अभिमानी - श्री अली किशोरी

हम श्री राधा महारानी जू के बल अभिमानी - श्री अली किशोरी

हम श्री राधा महारानी जू के बल अभिमानी ।
टेढ़े रहें सदा मोहन रसिया सों, बोलत अटपटी वाणी ।।
सदा रहे अलमस्त निकुंज में, सर पे हमारे श्री राधा महारानी ।
किशोरी अली निवास हमारो, श्री वृन्दावन रजधानी ।।
- श्री अली किशोरी

हम सदा ही श्री किशोरी जी के बल के अभिमानी हैं। हम मोहन लाल रसिया से भी हमेशा टेड़े रहते हैं, और उनको भी अटपटी वाणी सुनाने में नहीं चूकते | हमारा मन सदा अलमस्त निकुंज में रहता है क्यूंकि हमारे सर पर श्री राधारानी नित्य रहती हैं | हम श्री राधा महारानी जू के अनन्य भक्त हैं और उन्ही के बल से अभिमानी हैं और ऐसा करने में सक्षम हैं | श्री किशोरी अली कहते हैं कि हमारा मन सदैव प्रिया प्रियतम के निज महल वृन्दावन में रहता है, जो कि रसिक संतों और युगल सरकार की राजधानी है।