सब तजि जोइ भज श्याम अरु श्यामा - जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज, श्यामा श्याम गीत (20)

सब तजि जोइ भज श्याम अरु श्यामा - जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज, श्यामा श्याम गीत (20)

सब तजि जोइ भज श्याम अरु श्यामा।
श्यामा श्याम भी भजें वाको आठु यामा॥

- जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज, श्यामा श्याम गीत (20)

भावार्थ - जो समस्त आश्रयों का त्याग कर अनन्य भाव से एकमात्र श्यामा श्याम का ही आश्रय ग्रहण कर उनका निरंतर स्मरण करता है, श्यामा श्याम भी निरंतर उसका स्मरण करते हैं।