मगन भये गुन गावैं । प्रिया चरन छिन छिन सहरावैं ।।
बसि वृन्दावन अनत न जावैं । ललित मोहिनी तिन्हैं लड़ावैं ।।
- श्री ललित मोहिनी देव, श्री ललित मोहिनी देव जू की वानी, सिद्धांत के पद (13)
श्री ललिता मोहिनी जी कहते हैं कि प्रेम में डूबे रहते हुए श्री राधा की महिमा का जाप करें, उनके चरण कमलों की सेवा करें और श्री वृंदावन धाम को कभी न छोड़ें।
बसि वृन्दावन अनत न जावैं । ललित मोहिनी तिन्हैं लड़ावैं ।।
- श्री ललित मोहिनी देव, श्री ललित मोहिनी देव जू की वानी, सिद्धांत के पद (13)
श्री ललिता मोहिनी जी कहते हैं कि प्रेम में डूबे रहते हुए श्री राधा की महिमा का जाप करें, उनके चरण कमलों की सेवा करें और श्री वृंदावन धाम को कभी न छोड़ें।

