मनमोहन मनमोहना, मनमोहन मन माहिं।
या मोहन ते सोहना, तीन लोक में नाहीं॥
- श्री कुंभनदास, श्री कुम्भनदास जी की वाणी
मनमोहन श्री कृष्ण के भी मन को मोहित करने वाली एकमात्र श्री राधारानी ही हैं, जो नित्य उनके हृदय में निवास करती हैं। तीनों लोकों में श्री राधारानी से सुंदर कोई स्त्री नहीं है।
या मोहन ते सोहना, तीन लोक में नाहीं॥
- श्री कुंभनदास, श्री कुम्भनदास जी की वाणी
मनमोहन श्री कृष्ण के भी मन को मोहित करने वाली एकमात्र श्री राधारानी ही हैं, जो नित्य उनके हृदय में निवास करती हैं। तीनों लोकों में श्री राधारानी से सुंदर कोई स्त्री नहीं है।

