ब्रजरसरसिक तो गोविंद राधे - जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज, राधा गोविन्द गीत (5965)

ब्रजरसरसिक तो गोविंद राधे - जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज, राधा गोविन्द गीत (5965)

ब्रजरसरसिक तो गोविंद राधे ।
द्वारिका के रस को भी फीका बता दे ।।

- जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज, राधा गोविन्द गीत (5965)

ब्रज रस के रसिक, द्वारिका के रस को भी ब्रजरस के सामने फीका बताते हैं।