(कवित्त)
भूमि तत्व जल तत्व अग्नि तत्व पवन तत्व,
ब्रह्म तत्व व्योम तत्व विष्णु तत्व भोरी है। [1]
सनकादिक सिद्ध तत्व आनंद प्रसिद्ध तत्व,
नारद सुरेश तत्व शिव तत्व गोरी है॥ [2]
‘प्रेमी’ कहै नाग और किन्नर को तत्व देख्यो,
शेष और महेश तत्व नेति नेति जोरी है। [3]
तत्वन को तत्व जगजीवन श्री कृष्ण चन्द्र,
कृष्ण हू को तत्व वृषभानु की किशोरी है॥ [4]
- श्री प्रेमी जी
पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु, ब्रह्मा, विष्णु और अन्य सभी तत्व श्री राधा के ही अंश हैं। [1]
भूमि तत्व जल तत्व अग्नि तत्व पवन तत्व,
ब्रह्म तत्व व्योम तत्व विष्णु तत्व भोरी है। [1]
सनकादिक सिद्ध तत्व आनंद प्रसिद्ध तत्व,
नारद सुरेश तत्व शिव तत्व गोरी है॥ [2]
‘प्रेमी’ कहै नाग और किन्नर को तत्व देख्यो,
शेष और महेश तत्व नेति नेति जोरी है। [3]
तत्वन को तत्व जगजीवन श्री कृष्ण चन्द्र,
कृष्ण हू को तत्व वृषभानु की किशोरी है॥ [4]
- श्री प्रेमी जी
पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु, ब्रह्मा, विष्णु और अन्य सभी तत्व श्री राधा के ही अंश हैं। [1]
नारद, इंद्र, शिव, सनकादि और अन्य दिव्य जन, यहाँ तक कि आनंद भी श्री राधा के अंश मात्र हैं। [2]
रसिक कवि प्रेमि जी कहते हैं, “श्री राधा समस्त स्वर्गीय देवताओं, शेष, महेश, और वेदों की भी मूल हैं।” [3]
यद्यपि श्री कृष्ण सभी तत्वों के सार हैं, परंतु श्री कृष्ण की आत्मा और उनका परम तत्व तो वृषभानु किशोरी श्री राधा ही हैं। [4]

