कदा वृन्दारण्ये तरणि तनया पुण्य पुलिने,
स्मरन् श्री गोपालं निमिषमिव नेष्यामिदिवसान् ।
- जगद्गुरु श्री शंकराचार्य
वह ऐसा सुन्दर अवसर कब प्राप्त होगा जब कि श्री यमुना जी के तट पर श्री वृंदावन में श्री श्याम सुन्दर गोपाल लाल का स्मरण करते हुए मेरे दिन निमिष की भाँति व्यतीत होंगे ।
स्मरन् श्री गोपालं निमिषमिव नेष्यामिदिवसान् ।
- जगद्गुरु श्री शंकराचार्य
वह ऐसा सुन्दर अवसर कब प्राप्त होगा जब कि श्री यमुना जी के तट पर श्री वृंदावन में श्री श्याम सुन्दर गोपाल लाल का स्मरण करते हुए मेरे दिन निमिष की भाँति व्यतीत होंगे ।

