हमारी राधे प्रीति-रीति पहिचानैं।
अली किशोरी प्रीति-रीति कौं, इन बिनु कोउ न जानैं।।
- श्री किशोरी अली, किशोरी अली ग्रंथावली
प्रीति की रीति को तो एकमात्र हमारी श्री राधा ही जानती हैं। इनके सिवा इस निष्काम प्रेम की रीति के मार्ग को कोई नहीं जानता है।
अली किशोरी प्रीति-रीति कौं, इन बिनु कोउ न जानैं।।
- श्री किशोरी अली, किशोरी अली ग्रंथावली
प्रीति की रीति को तो एकमात्र हमारी श्री राधा ही जानती हैं। इनके सिवा इस निष्काम प्रेम की रीति के मार्ग को कोई नहीं जानता है।

