साधौ ऐसौ महल हमारौ - श्री ललित किशोरी देव, श्री ललित किशोरी देव जू की वाणी, सिद्धांत के पद (101)

साधौ ऐसौ महल हमारौ - श्री ललित किशोरी देव, श्री ललित किशोरी देव जू की वाणी, सिद्धांत के पद (101)

साधौ ऐसौ महल हमारौ।
निर्गुण सगुण वारिहै जाकी कहत न वेद विचारौ।।

- श्री ललित किशोरी देव, श्री ललित किशोरी देव जू की वाणी, सिद्धांत के पद (101)

श्री राधा का निज महल ऐसा अद्भुत है जिसपर सगुण, निर्गुण एवं समस्त भगवान के अवतारों एवं रसों को वारा जा सकता है, जिसे वेद भी पार नहीं पा सकते।