"द्रुमा भूमिश्चिन्तामणिगणमयी तोयम मृतम्।" - ब्रह्म संहिता वृन्दावन के सभी वृक्ष कल्पतरू, भूमि चिंतामणि तथा जल अमृत सदृश्य हैं।