वनं वृन्दावनं नाम नवपल्लवमण्डितम् ।
कोकिलभ्रमरारावं मनोभवमनोहरम् ॥
- पद्मपुराण
वृन्दावन नामक वन नवपल्लवों से सुशोभित है, जहां कोयल-भ्रमरादि मधुर-मधुर स्वरों से गान करते रहते हैं। यहाँ की कमनीयता काम देव के मन को भी मोहित करने वाली है।
कोकिलभ्रमरारावं मनोभवमनोहरम् ॥
- पद्मपुराण
वृन्दावन नामक वन नवपल्लवों से सुशोभित है, जहां कोयल-भ्रमरादि मधुर-मधुर स्वरों से गान करते रहते हैं। यहाँ की कमनीयता काम देव के मन को भी मोहित करने वाली है।

