मन करु सुमिरन राधे रानी के चरण।
हे मन, श्री राधारानी के चरण कमलों का स्मरण कर।
हे मन, श्री राधारानी के चरण कमलों का स्मरण कर।
राधे रानी के चरण, नव पल्लव बरन।
श्री राधारानी के चरण कमल नये पल्लव की लालिमा के जैसे हैं।
श्री राधारानी के चरण कमल नये पल्लव की लालिमा के जैसे हैं।
राधे रानी के चरण, जीवन रसिकन।
श्री राधारानी के चरण कमल रसिकों का जीवन है।
श्री राधारानी के चरण कमल रसिकों का जीवन है।
राधे रानी के चरण, सोइ मेरो प्राणधन।
श्री राधारानी के चरण कमल ही मेरे प्राण धन हैं।
श्री राधारानी के चरण कमल ही मेरे प्राण धन हैं।
राधे रानी के चरण, करूँ कोटिन नमन।
श्री राधारानी के चरण कमलों को मैं कोटी कोटी नमन करता हूँ।
श्री राधारानी के चरण कमलों को मैं कोटी कोटी नमन करता हूँ।
राधे रानी के चरण, दस चन्द्र नखन।
श्री राधारानी के चरण कमलों की दसों उँगलियों के नख चंद्र कांति युक्त है।
श्री राधारानी के चरण कमलों की दसों उँगलियों के नख चंद्र कांति युक्त है।
राधे रानी के चरण, प्रगट विष्णु गण।
श्री राधारानी के चरण कमलों से ही ब्रम्हा, विष्णु तथा शिव का प्रागट्य होता है।
श्री राधारानी के चरण कमलों से ही ब्रम्हा, विष्णु तथा शिव का प्रागट्य होता है।
राधे रानी के चरण चुवे ब्रज रस धन।
श्री राधारानी के चरण कमलों से ब्रज रस की वर्षा हो रही है।
श्री राधारानी के चरण कमलों से ब्रज रस की वर्षा हो रही है।
राधे रानी के चरण, चुवे प्रेमानंद घन।
श्री राधारानी के चरण कमलों से ही प्रेमानन्द का निर्झरण होता रहता है।
श्री राधारानी के चरण कमलों से ही प्रेमानन्द का निर्झरण होता रहता है।
राधे रानी के चरण, लोटें नंद नंदन।
श्री राधारानी के चरण कमलों मे नंदनंदन श्री कृष्ण लोट रहे हैं।
श्री राधारानी के चरण कमलों मे नंदनंदन श्री कृष्ण लोट रहे हैं।
राधे रानी के चरण, चह नंद - नंदन।
श्री राधारानी के चरण कमलों की आकांक्षा श्री कृष्ण को है।
श्री राधारानी के चरण कमलों की आकांक्षा श्री कृष्ण को है।
राधे रानी के चरण, ध्यावें मदन मोहन।
श्री कृष्ण सदैव श्री राधारानी के चरण कमलों का ध्यान करते हैं।
श्री कृष्ण सदैव श्री राधारानी के चरण कमलों का ध्यान करते हैं।
राधे रानी के चरण, हरि धोवें असुवन।
श्री राधारानी के चरण कमलों को श्री हरि अपने अश्रुओं से धोते हैं।
श्री राधारानी के चरण कमलों को श्री हरि अपने अश्रुओं से धोते हैं।
राधे रानी के चरण, पोंछें पिय पलकन।
श्री राधारानी के चरण कमलों को श्री कृष्ण अपने पलकों से पोंछते हैं।
श्री राधारानी के चरण कमलों को श्री कृष्ण अपने पलकों से पोंछते हैं।
राधे रानी के चरण, हरि मुकुट धरन।
श्री राधारानी के चरण कमलों मे श्री हरि अपना मुकुट धरते हैं।
श्री राधारानी के चरण कमलों मे श्री हरि अपना मुकुट धरते हैं।
राधे रानी के चरण, पतितन पावन।
श्री राधारानी के चरण कमल पतितों को पावन करनेवाली है।
श्री राधारानी के चरण कमल पतितों को पावन करनेवाली है।
राधे रानी के चरण, मेरो अवलम्बन।
श्री राधारानी के चरण कमल ही एकमात्र मेरा अवलम्बन है।
श्री राधारानी के चरण कमल ही एकमात्र मेरा अवलम्बन है।
राधे रानी के चरण, लिपटाऊँ रज बन।
श्री राधारानी के चरण कमलों मे मैं रज बन कर सदैव लिपटे रहना चाहता हूँ।
श्री राधारानी के चरण कमलों मे मैं रज बन कर सदैव लिपटे रहना चाहता हूँ।
राधे रानी के चरण, कब होऊं रज कन।
कब मैं श्री राधारानी के चरण कमलों का रज बनूँगा।
कब मैं श्री राधारानी के चरण कमलों का रज बनूँगा।
राधे रानी के चरण, कोमल माखन।
श्री राधारानी के चरण कमल माखन के जैसे कोमल हैं।
श्री राधारानी के चरण कमल माखन के जैसे कोमल हैं।
राधे रानी के चरण, बसे मेरे नयनन।
श्री राधारानी के चरण कमल मेरी आँखों मे सदैव विराजमान रहे।
श्री राधारानी के चरण कमल मेरी आँखों मे सदैव विराजमान रहे।
राधे रानी के चरण, ढाँपि रखौं पलकन।
श्री राधारानी के चरण कमलों को मैं अपनी पलकों मे छुपाकर रखूँगा।
श्री राधारानी के चरण कमलों को मैं अपनी पलकों मे छुपाकर रखूँगा।
राधे रानी के चरण, ही 'कृपालु' के दृगन।
जगद्गुरू श्री कृपालु जी महाराज कहते हैं "श्री राधारानी के चरण कमल ही मेरी आँखों में बसा हुआ है।
- जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज, ब्रज रस माधुरी 1 (57)
जगद्गुरू श्री कृपालु जी महाराज कहते हैं "श्री राधारानी के चरण कमल ही मेरी आँखों में बसा हुआ है।
- जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज, ब्रज रस माधुरी 1 (57)

