सबै शक्ति हैं नाम में - जगद्गुरु कृपालु जी महाराज, भक्ति शतक (18)

सबै शक्ति हैं नाम में - जगद्गुरु कृपालु जी महाराज, भक्ति शतक (18)

सबै शक्ति हैं नाम में, मन! निशिदिन आराध।
पै नहिँ शक्तिन लाभ तिन, किये नाम अपराध॥

- जगद्गुरु कृपालु जी महाराज, भक्ति शतक (18)

हे मन! भगवान के नामों में समस्त शक्तियाँ समाहित हैं, इसलिए तू रात-दिन केवल उसी का आराधन कर। किंतु स्मरण रहे, जो मनुष्य नामापराध करते हैं, उन्हें नाम की इन अगाध शक्तियों का कोई लाभ प्राप्त नहीं होता। नाम की महिमा तभी फलित होती है जब उसे अपराध-रहित होकर जपा जाए।