सोउ कृपा अति सुगम नहिं, ताकौ कौन उपाव।
चरन सरन हरिवंश की, सहज हिं बन्यौ बनाव॥
- श्री ध्रुवदास, बयालीस लीला, वृन्दावन शत लीला (7)
परन्तु उन श्री किशोरी जी की कृपा प्राप्त करने का उपाय क्या है? क्योंकि वह कृपा भी सहज सुलभ नहीं है। श्री हित ध्रुवदास जी कहते हैं कि श्री हरिवंश के श्रीचरणों की शरण में जाने से यह दुर्लभ कृपा भी सहज सुलभ हो जाती है।
चरन सरन हरिवंश की, सहज हिं बन्यौ बनाव॥
- श्री ध्रुवदास, बयालीस लीला, वृन्दावन शत लीला (7)
परन्तु उन श्री किशोरी जी की कृपा प्राप्त करने का उपाय क्या है? क्योंकि वह कृपा भी सहज सुलभ नहीं है। श्री हित ध्रुवदास जी कहते हैं कि श्री हरिवंश के श्रीचरणों की शरण में जाने से यह दुर्लभ कृपा भी सहज सुलभ हो जाती है।

