सारद नारद सेस, सुरपति पसुपति प्रजापति।
बंदत रहैं हमेस, श्रीवृषभानु कुमारि पद॥
- श्री लाल बलबीर जी, ब्रज बिनोद, श्रीराधा शतक (3)
बंदत रहैं हमेस, श्रीवृषभानु कुमारि पद॥
- श्री लाल बलबीर जी, ब्रज बिनोद, श्रीराधा शतक (3)
सरस्वती, भक्त नारद, भगवान अनन्त शेष, इन्द्र, भगवान शिव और प्रजापति आदि भी सदैव वृषभानु-नन्दिनी श्री राधा के चरण-कमलों की वन्दना करते रहते हैं।

