मेरे प्राणनाथ श्रीश्यामा, सपथ करौं तिन छियें | " - श्री हित हरिवंश महाप्रभु, श्री स्फुट वाणी मैं शपथ खा कर कहता हूँ कि मेरी प्राणनाथ, स्वामिनी श्री लाड़ली जू महाराज, श्री राधा ही हैं।