सदा हमारे पास है - श्री ललित किशोरी देव जू की वाणी, सिद्धान्त की साखी (274)

सदा हमारे पास है - श्री ललित किशोरी देव जू की वाणी, सिद्धान्त की साखी (274)

सदा हमारे पास है, कुंजबिहारिनी बाल।
लियें सुभाव रहै सदा, छिन छिन करत निहाल॥

- श्री ललित किशोरी देव, श्री ललित किशोरी देव जू की वाणी, सिद्धान्त की साखी (274)

श्री कुञ्जबिहारिणी श्री राधाजू सदा हमारे समीप रहती हैं। हमारे भावों का पोषण करने के लिए वे क्षण-क्षण हमें निहाल करती रहती हैं।