प्रिया चरन बल जानि के, बाढ्यौ हिये हुलास |
तेइ उर में आनि हैं, श्री वृन्दावन विपिन प्रकाश ||
- श्री ध्रुवदास - वृन्दावन शत लीला (09)
प्रिया श्री राधा के चरणों की कृपा एवं सामर्थ जानकार मेरे हृदय में हर्षोल्लास बढ़ रहा है और इन्ही की कृपा से मेरे हृदय में श्री वृन्दावन का रस रंग प्रकाशित हो रहा है।
तेइ उर में आनि हैं, श्री वृन्दावन विपिन प्रकाश ||
- श्री ध्रुवदास - वृन्दावन शत लीला (09)
प्रिया श्री राधा के चरणों की कृपा एवं सामर्थ जानकार मेरे हृदय में हर्षोल्लास बढ़ रहा है और इन्ही की कृपा से मेरे हृदय में श्री वृन्दावन का रस रंग प्रकाशित हो रहा है।

