भोरी अब सब भाँति भरोसौ, चरण कमल सौं बांधा - श्री भोरी सखी, प्रेम की पीर (45)

भोरी अब सब भाँति भरोसौ, चरण कमल सौं बांधा - श्री भोरी सखी, प्रेम की पीर (45)

भोरी अब सब भाँति भरोसौ, चरण कमल सौं बांधा॥
- श्री भोरी सखी, प्रेम की पीर (45)

श्री भोरी सखी कहती हैं कि "हे राधा! मुझे आपके सिवा किसी और पर भरोसा नहीं है, इसलिए मैंने अपना पूरा विश्वास आपके चरण कमलों से बांध दिया है।"