विद्यावन्त स्वरूप गुण, सुत दारा सूख भोग।
नारायण हरि भक्ति बिन, यह सबही हैं रोग॥
- श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (53)
ज्ञान-सम्पन्नता, रूप, गुण, पुत्र, पत्नी आदि समस्त सांसारिक सुख श्री राधा-कृष्ण की भक्ति के बिना रोग के समान हैं।
नारायण हरि भक्ति बिन, यह सबही हैं रोग॥
- श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (53)
ज्ञान-सम्पन्नता, रूप, गुण, पुत्र, पत्नी आदि समस्त सांसारिक सुख श्री राधा-कृष्ण की भक्ति के बिना रोग के समान हैं।

