विपिन राज सीमा के बाहर हरिहूँ को न निहार

विपिन राज सीमा के बाहर हरिहूँ को न निहार

विपिन राज सीमा के बाहर हरिहूँ को न निहार
- श्री भट्ट देवाचार्य

यदि स्वयं श्री कृष्ण भी वृन्दावन की सीमा के बाहर मिलें तो भी उनको मत निहार।