श्री प्रिया वदन छवि चंद्रमनौ, प्रीतम नैन चकोर।
प्रेम सुधा रसमाधुरी, पान करत निसि भोर॥
- श्री रसखान
श्रीकृष्ण के नयन चकोर पक्षी के समान हैं, जो निशि-दिन चन्द्र के समान श्री राधा के मुख-कमल से प्रेमरूपी सुधा-माधुरी का पान करते रहते हैं।
प्रेम सुधा रसमाधुरी, पान करत निसि भोर॥
- श्री रसखान
श्रीकृष्ण के नयन चकोर पक्षी के समान हैं, जो निशि-दिन चन्द्र के समान श्री राधा के मुख-कमल से प्रेमरूपी सुधा-माधुरी का पान करते रहते हैं।

