राधा गुन है न जहाँ भूल कें न डट रे

राधा गुन है न जहाँ भूल कें न डट रे

राधा गुन है न जहाँ भूल कें न डट रे
- श्री लाल बलबीर जी

 भूलकर भी कभी उस स्थान पर न डटना, जहाँ श्री राधारानी का गुणगान न हो।