देख्यौ दुरौ वह कुंज-कुटीर में बैठौ पलोटत राधिका-पायन - रसखान

देख्यौ दुरौ वह कुंज-कुटीर में बैठौ पलोटत राधिका-पायन - रसखान

देख्यौ दुरौ वह कुंज-कुटीर में बैठौ पलोटत राधिका-पायन
- रसखान

श्री रसखान कहते हैं कि थक हार कर मुझे अब श्री कृष्ण के दर्शन हुए हैं श्री राधा के चरणों में हुए ।