बार बार चारों धाम वारों ब्रजधामा। नित्य विहार करें जहाँ श्याम श्यामा॥ - जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज, श्यामा श्याम गीत (938) बार बार चारों धाम को ब्रज धाम पर वारों जहां श्री राधा कृष्ण नित्य विहार रस बरसाते हैं।