कहाँ सुख वृज को सो संसार - श्री सूरदास जी

कहाँ सुख वृज को सो संसार - श्री सूरदास जी

कहाँ सुख वृज को सो संसार।
कहाँ सुखद वंशीवट यमुना, यह मन सदॉ विचार॥
- श्री सूरदास जी 

श्री कृष्ण नित्य सोचते हैं कि ऐसी कोई जगह इस संसार में कहाँ है जहां ब्रज जैसा आनंद मिलता हो? जो सुख श्री यमुना जी के किनारे बंशीवट में बंशी वादन में आता है वो कहीं नहीं है ।