दिन अथयौ संध्या भई - श्री ललित मोहिनी देव जू की वाणी, सिद्धांत के पद (33)

दिन अथयौ संध्या भई - श्री ललित मोहिनी देव जू की वाणी, सिद्धांत के पद (33)

दिन अथयौ संध्या भई, बोलन लागे मोर।
बिहारी बिहारिनि रंग महल में, मिले नैंन की कोर॥

- श्री ललित मोहिनी देव, श्री ललित मोहिनी देव जू की वाणी, सिद्धांत के पद (33)

दिन से संध्या हो गई, मोर भी बोलने लगे; परंतु श्री बिहारी-बिहारिनि रंगमहल में नैनों से नैना मिलाए हुए हैं।