संविधाय दशने तृणं विभो प्रार्थये व्रजमहेन्द्रनन्दन।
अस्तु मोहन तवातिवल्लभा जन्म जन्मनि मदीश्वरी प्रिया।
- श्री विट्ठलनाथ जी, श्री राधा चतु:श्लोकी (4)
हे रसिक शेखर, नंद नंदन, ब्रज शेखर आपसे पूर्णतः विनय पूर्वक एवं शपथ पूर्वक यह विनती करता हूँ कि आपकी प्राण वल्लभा श्री राधा ही जन्म जन्मांतर मेरी आराध्य देव रहें ।
अस्तु मोहन तवातिवल्लभा जन्म जन्मनि मदीश्वरी प्रिया।
- श्री विट्ठलनाथ जी, श्री राधा चतु:श्लोकी (4)
हे रसिक शेखर, नंद नंदन, ब्रज शेखर आपसे पूर्णतः विनय पूर्वक एवं शपथ पूर्वक यह विनती करता हूँ कि आपकी प्राण वल्लभा श्री राधा ही जन्म जन्मांतर मेरी आराध्य देव रहें ।

