भोरी सहज कृपालु किशोरी, तुम बिनु कछु न सुहावै।
- श्री भोरी सखी, प्रेम की पीर
श्री राधा अत्यंत कृपालु हैं, श्री भोरी सखी कहती हैं कि श्री राधा के अतिरिक्त उन्हें कुछ भी नहीं सुहाता ।
- श्री भोरी सखी, प्रेम की पीर
श्री राधा अत्यंत कृपालु हैं, श्री भोरी सखी कहती हैं कि श्री राधा के अतिरिक्त उन्हें कुछ भी नहीं सुहाता ।

