श्री राधा माधव चरनौ - श्री हनुमान प्रसाद पोद्दार (भाईजी), पद रत्नाकर, वंदना एवं प्रार्थना (1.5)

श्री राधा माधव चरनौ - श्री हनुमान प्रसाद पोद्दार (भाईजी), पद रत्नाकर, वंदना एवं प्रार्थना (1.5)

श्री राधा माधव चरनौ प्रणवउं बारम्बार।
एक तत्व दोऊ तन धरे, नित रस पाराबार॥

- श्री हनुमान प्रसाद पोद्दार (भाईजी), पद रत्नाकर, वंदना एवं प्रार्थना (1.5)

मैं बारम्बार श्री राधा और श्रीकृष्ण के चरणों में प्रणाम करता हूँ, जो तत्वतः एक ही हैं, परन्तु भक्तों को सुख देने के लिए दो तन धारण किए हुए हैं।