“एक दोई जो पाइये खोजिये सब संसार ” - श्री ध्रुवदास वृंदावन के रसिक संत अत्यंत दुर्लभ हैं। पूरे विश्व के भक्तों में भी यदि खोजा जाए तो भी एक या दो अर्थात बहुत दुर्लभ व्यक्तियों को ही वृन्दावन का रस प्राप्त हुआ होगा ।