सृष्टि विशिष्ट सु शक्ती महा, तिहुँ लोकन मूल आधार हैं राधे । [1]
पाय न पार सके सुर का, पर ब्रह्महु ऐसी अपार हैं राधे ॥ [2]
संतन की सु सहाय सदाँ, अरु भक्तन की रखवार हैं राधे । [3]
भक्ति ओ मुक्ति प्रदान करें, जगजीवन पालन हार हैं राधे ॥ [4]
- श्री नन्दन जी
समस्त सृष्टि की महान शक्ति एवं तीनों लोकों की मूल आधार एक मात्र श्री राधे ही हैं । [1]
जिसका पार सुर भी ना पा सकें, और साक्षात भगवान ब्रह्म भी जिसका पार ना पा सकें ऐसी अपार हैं राधे । [2]
नित्य ही संतों की जो सहायता करने वाली एवं भक्तों की रखवार हैं राधे। [3]
भक्ति एवं मुक्ति प्रदान करने वाली, जगजीवन की पालन हार श्री राधे हैं । [4]
पाय न पार सके सुर का, पर ब्रह्महु ऐसी अपार हैं राधे ॥ [2]
संतन की सु सहाय सदाँ, अरु भक्तन की रखवार हैं राधे । [3]
भक्ति ओ मुक्ति प्रदान करें, जगजीवन पालन हार हैं राधे ॥ [4]
- श्री नन्दन जी
समस्त सृष्टि की महान शक्ति एवं तीनों लोकों की मूल आधार एक मात्र श्री राधे ही हैं । [1]
जिसका पार सुर भी ना पा सकें, और साक्षात भगवान ब्रह्म भी जिसका पार ना पा सकें ऐसी अपार हैं राधे । [2]
नित्य ही संतों की जो सहायता करने वाली एवं भक्तों की रखवार हैं राधे। [3]
भक्ति एवं मुक्ति प्रदान करने वाली, जगजीवन की पालन हार श्री राधे हैं । [4]

