श्री भागवत निवास, वृंदावन

श्री भागवत निवास, वृंदावन

भागवत निवास की स्थापना श्री कृपासिंधु दास बाबा ने लगभग 80 वर्ष पूर्व 1945 के आसपास की थी । श्री कृपासिंधु दास बाबा सिद्ध श्री पण्डित बाबा (श्री राम कृष्ण दास बाबा) के कृपापात्र थे । एक समय पण्डित बाबा जब दाऊजी के बगीचे में रह रहे थे, तब उन्होंने कृपासिंधु दास बाबा से कहा था "मेरे निकुंज गमन के पश्चात् साधकगण दाऊजी का बगीचा छोड़ देंगे ।" 1940 में सिद्ध श्री पण्डित बाबा के निकुंज गमन के पश्चात् अपने आश्रित साधु-महात्माओं के लिए कृपासिंधु दास बाबा ने दाऊजी के बगीचे के सामने भागवत निवास की स्थापना की ।
भागवत निवास में ठाकुर श्री गिरीन्द्र बिहारी जी विराजमान हैं जो श्री रघुनाथदास गोस्वामी जी के इष्ट हैं । महाप्रभु श्री चैतन्यदेव जब ब्रज में आये थे तब अपने साथ गिरिराज जी की एक शिला अपने साथ ले गए थे । कुछ समय बाद चैतन्य महाप्रभु ने वह गिरिराज शिला श्री रघुनाथदास गोस्वामी जी को प्रदान किया । यही वह शिला है जो भागवत निवास में विराजमान हैं जिन्हें ठाकुर श्री गिरीन्द्र बिहारी जी कहते हैं ।
भागवत निवास वृंदावन धाम के शुद्ध भक्त एवं संतों के लिए समर्पित रूप से जाना जाता है । यहां लगभग 50-100 संत निवास करते हैं और पूर्ण अनुशासन से भजन करते थे । यहां रहने वाले संतों की आयु 25-90 वर्ष के बीच है । यह स्थान प्राचीन वृक्ष-लताओं से आच्छादित है जहाँ नित्य ही मोर एवं पक्षीयों का निवास है । यहाँ नित्य श्रीमद्भागवत की कथा होती रहती है । यहाँ सिद्ध श्री पण्डित बाबा का करुआ विराजमान है जिसके दर्शनों की अभिलाषा से हज़ारों भक्तगण आते हैं ।

स्थान :
भागवत निवास वृन्दावन में भक्तिवेदान्त स्वामी मार्ग, रमणरेती में वृन्दावन शोध संसथान के सामने स्थित है ।