सब द्वारन को छाड़ के मैं आयी तेरे द्वार

सब द्वारन को छाड़ के मैं आयी तेरे द्वार

सब द्वारन को छाड़ के मैं आयी तेरे द्वार।
अहो वृषभानु की लाडली अब मेरी ओर निहार॥


हे किशोरी जी, समस्त द्वारों को छोड़कर मैं एक मात्र आपके द्वार आयी हूँ, कृपया अब मेरी ओर कृपा दृष्टि डालिये।