धन्य धन्य लड़ैती मेरी है

धन्य धन्य लड़ैती मेरी है

धन्य धन्य लड़ैती मेरी है।
अपनी जानि बिहारिनि रानी कृपा दृष्टि करि हेरी है।

- श्री ललित किशोरी देव, श्री ललित किशोरी देव जू की वाणी, सिद्धांत के पद (109)

मेरी प्राण प्यारी श्री राधा रानी मेरी हैं। श्री राधा रानी के रूप में जीवन धन पाकर मैं धन्य हो गया हूँ । श्री बिहारिनि रानी ने मुझे अपनी जान कर मेरे ऊपर कृपा दृष्टि डाली है।