बास दे निकुंजन को तेरौ ही कहाऊँ मैं

बास दे निकुंजन को तेरौ ही कहाऊँ मैं

ये ही बार पाऊँ ललचाऊँ सुख साधे राधे,
बास दे निकुंजन को तेरौ ही कहाऊँ मैं॥

- श्री लाल बलबीर, ब्रज बिनोद, राधा शतक (110)

श्री लाल बलबीर कहते हैं कि मैं यही वर पाना चाहता हूँ कि मैं आपके सुख एवं नाम  के लिए नित्य ही ललचाया करूँ, आप मुझे निकुंज में ही नित्य वास दें चाहे किसी भी रूप में, और हे राधे, मैं केवल और केवल आपका ही कहलाऊँ ।