ऐ रे मन मतवारे छोड़ दुनियाँ के द्वारे - श्री प्रेमी जी, ब्रज के सवैया

ऐ रे मन मतवारे छोड़ दुनियाँ के द्वारे - श्री प्रेमी जी, ब्रज के सवैया

ऐ रे मन मतवारे छोड़ दुनियाँ के द्वारे।
श्रीराधा नाम के सहारे, सौंप जीवन-मरण॥

- श्री प्रेमी जी

अरे मेरे मूर्ख मतवारे मन, तू दुनिया के द्वारों में भटकन छोड़ दे। अब तो तू केवल और केवल राधा नाम को ही सहारा बना और जीवन मरण श्री राधा रानी को सौंप दे।