सपनेँ और न देखँकोऊ, चरण सरोज अनन्य उपासी

सपनेँ और न देखँकोऊ, चरण सरोज अनन्य उपासी

सपनेँ और न देखँकोऊ,
चरण सरोज अनन्य उपासी।

- श्री भोरी सखी

सपने में भी मैं श्री राधा चरण के अतिरिक्त कहीं और नहीं निहारता, मैं श्री श्री राधा कमल चरण का अनन्य उपासक हूँ ।