लगन लगन सबही कहें, लगन कहावे सोय।
नारायण जा लगन में, तन मन दीजे खोय॥
- श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (134)
सब साधक कहते हैं कि हमें प्रभु की साँचि लगन लगी है; परन्तु श्री नारायण स्वामी जी कहते हैं कि साँचि लगन में तन-मन और और स्वयं का अस्तित्व स्वतः ही समर्पित हो जाता है।
नारायण जा लगन में, तन मन दीजे खोय॥
- श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (134)
सब साधक कहते हैं कि हमें प्रभु की साँचि लगन लगी है; परन्तु श्री नारायण स्वामी जी कहते हैं कि साँचि लगन में तन-मन और और स्वयं का अस्तित्व स्वतः ही समर्पित हो जाता है।

