जै जै हो राधे जू मैं शरण तिहारी, लोचन आरती जाऊँ बलिहारी। [1]
पाट पटम्बर ओढे नील सारी, सीस के सैंदुर जाऊँ बलिहारी।। [2]
रतन सिंहासन बैठी श्री राधे, आरती करें हम पिय संग जोरी। [3]
झलमल झलमल मानिक मोती, अब लखि मुनि मोहे पिय संग जोरी।। [4]
श्री राधे पद पंकज भगत की आशा, दास मनोहर करत भरोसा। [5]
जै जै हो राधे जू मैं शरण तिहारी, लोचन आरती जाऊँ बलिहारी।। [6]
- श्री मनोहर दास
हे श्री राधे जू आपकी जय हो, मैं आपकी शरण में हूँ, अपनी आँखों से आपकी आरती का दर्शन कर मैं बलिहार जाता हूँ। [1]
हे श्री राधे जू, आपकी अति सुन्दर नीली साड़ी और आपके शीश का सिंदूर का दर्शन कर मैं बलिहार जाता हूँ। [2]
हे श्री राधे, आप श्यामसुंदर संग रत्न जड़ित सिंहासन पर विराजमान हो, हम आपकी जुगल जोरि की आरती करते हैं। [3]
हे श्री राधे, लाल जू संग आपके आभूषण एवं माणिक-मोती से समस्त कुञ्ज झलमल झलमल कर शोभा को प्राप्त हो रहा हैं, आप दोनों के इस छवि का दर्शन कर ऋषि मुनि जन भी मोहित इस क्षण मोहित हो रहें हैं। [4]
श्री मनोहर दास कह रहे हैं " हे श्री राधे, आपके भक्तों को आपके चरण कमलों को प्राप्त करने की आशा है, इसी कारण भक्तों पर भरोसा कर मुझे भी आपके चरण कमलों को प्राप्त करने की आशा है।" [5]
हे श्री राधे जू आपकी जय हो, मैं आपकी शरण में हूँ, अपनी आँखों से आपकी आरती का दर्शन कर मैं बलिहार जाता हूँ। [6]
पाट पटम्बर ओढे नील सारी, सीस के सैंदुर जाऊँ बलिहारी।। [2]
रतन सिंहासन बैठी श्री राधे, आरती करें हम पिय संग जोरी। [3]
झलमल झलमल मानिक मोती, अब लखि मुनि मोहे पिय संग जोरी।। [4]
श्री राधे पद पंकज भगत की आशा, दास मनोहर करत भरोसा। [5]
जै जै हो राधे जू मैं शरण तिहारी, लोचन आरती जाऊँ बलिहारी।। [6]
- श्री मनोहर दास
हे श्री राधे जू आपकी जय हो, मैं आपकी शरण में हूँ, अपनी आँखों से आपकी आरती का दर्शन कर मैं बलिहार जाता हूँ। [1]
हे श्री राधे जू, आपकी अति सुन्दर नीली साड़ी और आपके शीश का सिंदूर का दर्शन कर मैं बलिहार जाता हूँ। [2]
हे श्री राधे, आप श्यामसुंदर संग रत्न जड़ित सिंहासन पर विराजमान हो, हम आपकी जुगल जोरि की आरती करते हैं। [3]
हे श्री राधे, लाल जू संग आपके आभूषण एवं माणिक-मोती से समस्त कुञ्ज झलमल झलमल कर शोभा को प्राप्त हो रहा हैं, आप दोनों के इस छवि का दर्शन कर ऋषि मुनि जन भी मोहित इस क्षण मोहित हो रहें हैं। [4]
श्री मनोहर दास कह रहे हैं " हे श्री राधे, आपके भक्तों को आपके चरण कमलों को प्राप्त करने की आशा है, इसी कारण भक्तों पर भरोसा कर मुझे भी आपके चरण कमलों को प्राप्त करने की आशा है।" [5]
हे श्री राधे जू आपकी जय हो, मैं आपकी शरण में हूँ, अपनी आँखों से आपकी आरती का दर्शन कर मैं बलिहार जाता हूँ। [6]

