“ राधा नाम की गति न्यारी |
सपनेहुँ रसना पर आवत, होत विवस बन कुञ्ज बिहारी || ”
- अभिलाष माधुरी - श्री ललित किशोरी
राधा नाम कि महिमा अपरम्पार है। यदि सपने में भी कोई राधा नाम ले लेता है तो ठाकुरजी को विवश कर देता है आने पर ।
सपनेहुँ रसना पर आवत, होत विवस बन कुञ्ज बिहारी || ”
- अभिलाष माधुरी - श्री ललित किशोरी
राधा नाम कि महिमा अपरम्पार है। यदि सपने में भी कोई राधा नाम ले लेता है तो ठाकुरजी को विवश कर देता है आने पर ।

