सर्वप्रथम प्राथना है गोविंद राधे - जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज, राधा गोविन्द गीत (223)

सर्वप्रथम प्राथना है गोविंद राधे - जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज, राधा गोविन्द गीत (223)

सर्वप्रथम प्राथना है गोविंद राधे।
थोड़ा रस दे रस का चस्का लगा दे ।।

- जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज, राधा गोविन्द गीत (223)

हे श्री राधा गोविंद, मैं सर्वप्रथम आपसे यह प्रार्थना करता हूँ की कृपया अपने प्रेम का थोड़ा सा रस प्रदान कर मुझे उस रस का चस्का (आसक्ति) लगा दीजिये।