मन रह वृन्दावन गोविंद राधे - जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज, राधा गोविन्द गीत (5928)

मन रह वृन्दावन गोविंद राधे - जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज, राधा गोविन्द गीत (5928)

मन रह वृन्दावन गोविंद राधे।
तन भल मम वास नरक दिला दे।।

- जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज, राधा गोविन्द गीत (5928)

हे श्री राधा गोविंद, मेरे शरीर को क्यों न नरक की प्राप्ति करा दो, परंतु मेरे मन को श्री वृन्दावन धाम का वास दिला दो।