दास परमानन्द छिन-छिन श्याम जाकी शरन,
धन धन राधिका के चरन।
- श्री परमानन्द दास जी
श्री परमानन्द दास कह रहे हैं "श्री राधा के चरण मूर्तिमान रस स्वरूप हैं, जो श्री कृष्ण को आनंद प्रदान कर रहे हैं, जो हर क्षण उन्हीं चरणों की शरण में हैं।" श्री राधा जी के चरण धन्य हैं।
धन धन राधिका के चरन।
- श्री परमानन्द दास जी
श्री परमानन्द दास कह रहे हैं "श्री राधा के चरण मूर्तिमान रस स्वरूप हैं, जो श्री कृष्ण को आनंद प्रदान कर रहे हैं, जो हर क्षण उन्हीं चरणों की शरण में हैं।" श्री राधा जी के चरण धन्य हैं।

