त्रैलोक्य मोहिनीभिर्नवतरुणीभिर्महाविदग्धाभिः।
आराध्यां स्मर वृन्दाविपिने सर्वोज्ज्वलां राधाम्॥
- श्री प्रबोधानन्द सरस्वती, वृन्दावन महिमामृत (9.11)
त्रिभुवन को मोहिन करने वाली महा विदग्धा एवं नवतरुणीवृन्दों की आराध्य सर्वोज्ज्वल श्रीराधाजी का श्रीवृन्दावन में स्मरण कर।
आराध्यां स्मर वृन्दाविपिने सर्वोज्ज्वलां राधाम्॥
- श्री प्रबोधानन्द सरस्वती, वृन्दावन महिमामृत (9.11)
त्रिभुवन को मोहिन करने वाली महा विदग्धा एवं नवतरुणीवृन्दों की आराध्य सर्वोज्ज्वल श्रीराधाजी का श्रीवृन्दावन में स्मरण कर।

