लड़ैती तेरे चरण महा सुखदाई

लड़ैती तेरे चरण महा सुखदाई

लड़ैती तेरे चरण महा सुखदाई|
तेइ चरण हमारे मस्तक अब डर करै बलाई ||

-श्री ललित किशोरी देव, अभिलाष माधुरी

श्री कुञ्ज विहारिणी श्री राधा, आपके चरण परम प्रेम सुख को देने वाले हैं, इन्ही चरणों को देखकर, सेवन करके श्री लाल जू केलि कला में निपुण हुए हैं। श्री ललित किशोरीजी कहते हैं की हमारे तो भाग्य ही खुल गए, जो हमको इन चरणों का आश्रय मिल गया है, अब किस बात का भय, चिंता, विपत्ति। अब वह इन श्री राधा के चरणों के बल पर सदा निर्भय रहते हैं।