हमारी अब सब बनी भली हैं - श्री नागरीदास (महाराज सावंत सिंह जी), छूटक पद (86)

हमारी अब सब बनी भली हैं - श्री नागरीदास (महाराज सावंत सिंह जी), छूटक पद (86)

हमारी अब सब बनी भली हैं।
कुंजमहल की टहल दई मोहि जहाँ नीति रंग रली हैं ।।
नागरिया पैं कृपा करी अति श्री वृषभान लली हैं।।

- श्री नागरीदास (महाराज सावंत सिंह जी), छूटक पद (86)

हमारी अब सब बात बन गयी है। हमें अब कुंज महल की नित्य ही टहल मिल गयी है जहां नित्य ही नई नई रंगरली मनायी जाती है । श्री नागरी दास कहते हैं कि मैं तो इतना जानता हूँ कि हमारे ऊपर तो श्री राधा रानी ने अत्यंत कृपा करी है (ऐसी कृपा जिसे बताना असम्भव हो) ।