भगवत नित्य बिहार नैन संकर का तीजा।
जाती बर्न कुल धर्म कर्म राखत नहीं बीजा॥
- श्री भगवत रसिक जी, भगवत रसिक की वाणी
नित्य बिहार भगवान शिव की तीसरी आंख की भांति है, जब वह खुलेगा, तब वह मन से जाति, वर्ण, कुल, धर्म, कर्म को बीज सहित नष्ट कर देगा; रह जाएंगे मात्र श्री राधा कृष्ण।
जाती बर्न कुल धर्म कर्म राखत नहीं बीजा॥
- श्री भगवत रसिक जी, भगवत रसिक की वाणी
नित्य बिहार भगवान शिव की तीसरी आंख की भांति है, जब वह खुलेगा, तब वह मन से जाति, वर्ण, कुल, धर्म, कर्म को बीज सहित नष्ट कर देगा; रह जाएंगे मात्र श्री राधा कृष्ण।

